उत्तर प्रदेश में कृषि मुख्य आय का स्रोत है और किसानों की आर्थिक प्रगति के लिए सरकार तथा बैंक लगातार प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत सहकारी ग्रामीण बैंक (Sahkari Gramin Bank) ने किसानों को फसली, कृषि और छोटे उद्योगों के लिए लोन प्रदान करने की योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को वित्तीय मजबूती देना और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
किसानों की आय बढ़ाने और जीवनस्तर सुधारने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा राज्य के सभी जिलों में जिला सहकारी बैंक और न्याय पंचायत स्तर पर सहकारी ग्रामीण बैंक शाखाएं किसानों को लोन उपलब्ध करा रही हैं। इन बैंकों का उद्देश्य किसानों को बेहतर जीवन जीने में आर्थिक सहयोग देना और खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी को पूरा करना है।
सहकारी किसान लोन से मिलने वाली सुविधाएं
किसानों को फसली ऋण के रूप में अच्छा बीज, उर्वरक और रसायन खरीदने के लिए अल्पकालिक लोन प्रदान किया जाता है। कई मामलों में बैंक लोन राशि का 50 प्रतिशत नकद और शेष 50 प्रतिशत वस्तु के रूप में उपलब्ध कराते हैं, जबकि विशेष परिस्थितियों में पूरी राशि नकद दी जाती है। इसके अलावा, बैंक गोबर गैस संयंत्र, पशुधन खरीद और कृषि उपकरणों के लिए भी लोन देता है। साथ ही किसानों की बचत के लिए “मिनी बैंक” जैसी सुविधा भी प्रदान की गई है।
सरकारी ग्रामीण बैंकों की खास विशेषताएं
सहकारी बैंकों में जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा किसानों की जरूरत के अनुसार तीन वर्ष की लोन सीमा तय की जाती है। किसानों को चेकबुक के माध्यम से स्वयं चेक काटकर लोन लेने की सुविधा भी दी गई है। इसके साथ ही, सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जरूरत के अनुसार लोन लेने और समय पर चुकाने की आज़ादी दी गई है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल क्षति से राहत के लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना भी लागू की गई है।
जिला सहकारी बैंक से मिलने वाली अन्य लोन सुविधाएं
सहकारी ग्रामीण बैंक सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि नौकरीपेशा और व्यवसाय करने वाले लोगों को भी लोन उपलब्ध कराता है। वाहन खरीदने के लिए एस.आर.टी.ओ. के अंतर्गत लोन दिया जाता है, वहीं गोदाम (वेयरहाउस) निर्माण के लिए भी लोन सुविधा है। शिक्षा के क्षेत्र में, यदि कोई विद्यार्थी मेडिकल, इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट या MCA जैसी पढ़ाई करना चाहता है, तो बैंक कुल खर्च का 75% तक लोन प्रदान करता है। इसके अलावा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहकारी स्वरोजगार योजना के तहत कृषि और गैर-कृषि परियोजनाओं को भी वित्तीय सहायता दी जाती है।
कृषि उपकरण, घर और व्यवसाय के लिए भी लोन सुविधा
अगर कोई किसान खेतों के लिए आधुनिक यंत्र खरीदना चाहता है तो बैंक उसके मूल्य का 85% तक लोन देता है। इसके साथ ही घर बनाने, घर की मरम्मत, व्यापार शुरू करने या विस्तार करने के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध है। सहकारी बैंक ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को अपनी ज़रूरत के अनुसार लोन लेने का अवसर देता है।
सहकारी बैंक द्वारा दिए जाने वाले लोन के प्रकार
सहकारी ग्रामीण बैंक विभिन्न उद्देश्यों के लिए लोन प्रदान करता है, जैसे व्यक्तिगत लोन, व्यापारिक लोन, हाउसिंग लोन, एजुकेशन लोन, टू व्हीलर और कार लोन, सोने के आभूषण पर लोन, व्यवसायिक वाहन लोन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत मिलने वाले लोन। इसके अतिरिक्त ओवरड्राफ्ट लिमिट और संपत्ति के विरुद्ध लोन की भी सुविधा दी जाती है।
सहकारी ग्रामीण बैंक लोन के लिए जरूरी दस्तावेज
लोन आवेदन के लिए आवेदक को पहचान पत्र के रूप में पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या मतदान पत्र देना होता है। पता प्रमाण के लिए राशन कार्ड, बिजली बिल या ट्रेड लाइसेंस आवश्यक है। इसके साथ तीन महीने की बैंक स्टेटमेंट, पिछले तीन वर्षों की बैलेंस शीट और आयकर रिटर्न की प्रति जमा करनी होती है।
प्रमुख बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कॉरपोरेट लोन की जानकारी
कई निजी और सरकारी बैंक भी कॉरपोरेट या व्यापारिक लोन देने में सक्रिय हैं। जैसे ICICI बैंक ₹1 लाख से ₹40 लाख तक 15.50% ब्याज दर पर लोन देता है, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक ₹3 लाख से ₹75 लाख तक 16% ब्याज दर पर लोन प्रदान करता है। HDFC बैंक ₹15 लाख तक 15.25% ब्याज दर पर और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ₹25 करोड़ तक 9.50% से 14.80% ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराते हैं।
सहकारी ग्रामीण बैंक लोन आवेदन प्रक्रिया
लोन के लिए आवेदन करने के इच्छुक व्यक्ति को अपने नजदीकी सहकारी ग्रामीण बैंक शाखा में जाना होता है। बैंक में पर्सनल लोन आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, बैंक प्रतिनिधि द्वारा जानकारी सत्यापित की जाती है। प्रक्रिया पूरी होने पर लोन को शीघ्र स्वीकृति दे दी जाती है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले ग्राहकों से भी बैंक के प्रतिनिधि सीधे संपर्क करते हैं।
किसानों के लिए भरोसेमंद वित्तीय सहयोग
सहकारी ग्रामीण बैंक किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए वित्तीय सहारा साबित हो रहा है। यह न केवल खेती, शिक्षा और स्वरोजगार के लिए पूंजी उपलब्ध कराता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। सरकार की निगरानी और बैंक की विश्वसनीयता के कारण यह योजना किसानों के लिए भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है।

